
कोयला खदानों से घिरे कतरास में बीसीसीएल भी नहीं करती सप्लाई खदानों का बेकार पानी
वह नालों में बहाने भी ही मानती है अपनी बहादुरी,जनप्रतिनिधियों का इससे कोई सरोकार नहीं
कतरास :* कतरास कोयलांचल में आज तीसरे दिन भी झमाडा का पानी नहीं चलने से चहुंओर कोहराम मच गया। लोग अहले सुबह से ही पीने के पानी के लिए इधर से उधर मारे फिर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बरसात के इस मौसम में झमाडा द्वारा एक दिन बीच कर जलापूर्ति की जा रही थी परन्तु इधर आज तीसरे दिन भी जलापूर्ति नहीं हुई जिससे लोग हलकान हो रहे हैं। झमाडा द्वारा को सार्वजनिक सूचना भी मुहैया नहीं करायी गयी जिससे झमाडा के पानी पर ही आश्रित रहने वालों की शामत आ गयी है।
गौरतलब है कि चारों आओर से बीसीसीएल से घिरे रहने के बाद भी बीसीसीएल कतरास कोयलांचल में खदानों का पानी लोगों को मुहैया कराने की बजाय उसे नाले में बहा देती है। नतीजतन लोग झमाडा द्वारा सप्लाई किये जाने वाले तोपचांची के पानी पर ही निर्भर रहती है। कोयला खदान क्षेत्र से घिरे रहने के कारण यहां चापाकल, कुआं या बोरिंग पर निर्भर रहना मुश्किल है। यहां के जनप्रतिनिधियों ने भी इस विकराल समस्या के समाधान में भी अपनी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं और परिणाम स्वरूप उसका कोप भाजन यहां की जनता को बनना पड़ता है।





